कॉलेज के वो दिन: कुछ भूली बातें, कुछ हसीन यादें | College Life Nostalgia
कुछ बातें थीं भूली-भूली,
कुछ यादें थीं प्यारी-प्यारी,
कुछ पल थे थोड़े शरारती,
कुछ दोस्तियाँ थीं सबसे न्यारी।
हर गलती का नया बहाना,
फिर भी बन जाना सबकी कहानी,
कभी हँसना, कभी रूठ जाना,
यही तो थी कॉलेज की निशानी।
Exam की पूरी रात जागना,
सुबह किताबों को फिर से पलटना,
सवाल सामने आते ही लेकिन,
सिर खुजाना और चुप हो जाना! 😄
मौका मिलते ही class bunk करना,
दोस्तों के साथ यूँ ही घूमना,
कभी कैंटीन में घंटों बैठना,
और बिना वजह भी खूब हँसना।
किसी की एक झलक पाने को,
रोज़ कॉलेज चले आना,
उसे देखते-देखते जाने कब,
attendance का हिसाब भूल जाना। ❤️
हर दिन कोई नया सपना,
हर पल अपना-सा लगता था,
आज जो सपना टूट भी जाए,
कल फिर उसे देखना अच्छा लगता था।
न जाने कब वो दिन बीत गए,
कब हम इतने बड़े हो गए,
किताबें पीछे छूट गईं,
और वो दोस्त भी दूर हो गए।
फिर भी जब याद आते हैं
कॉलेज के वो हसीन दिन,
चेहरे पर मुस्कान आ जाती है,
और दिल कहता है |
काश! लौट आए वो दिन एक बार,
वही दोस्त, वही कैंटीन,
वही बेफिक्र हँसी,
और वही हमारी छोटी-सी दुनिया फिर एक बार। ❤️
क्योंकि कॉलेज की ज़िन्दगी
सिर्फ पढ़ाई और परीक्षाओं का नाम नहीं थी,
वो तो उन छोटी-छोटी यादों का नाम थी,
जिन्हें याद करके
हम पूरी ज़िन्दगी मुस्कुरा सकते हैं।